सन 1939 के संस्करण में पंडित रूप चंद जी जोशी ने हस्त रेखा पर अधिक बल दिया था परंतु के संस्करण में पंडित जी ने फलित पर अधिक बल दिया और कुछ उपाय भी सुझाये l गुटका को ग´ के रूप में लिखा गया का संस्करण ग´ और प´ का एक मिश्रण था और यह पुस्तक बाकी पुस्तको से लिए गये महत्वपूर्ण भागो का एक संकलन है जिसके सामुद्रिक के सभी भागो को सम्मलित किया गया है i
Hickety Pickety
Bhagyalekshmy
«दशभावस्पष्ट I
सिंहिकागर्भसंभूत दानवेन्द्र राहु और महाबली मृत्युपुत्र केतु- ये तीनो बड़े भयानक एवं मारक ग्रह है l जिस व्यक्ति पर इनकी कोप - दृष्टि पड़ती है
Preeti Hai Rah Mukti Ki [Hindi] Keven W Barrett सन 1939 के संस्करण मेंPreeti Hai Rah Mukti Ki [Hindi] by Osho Priya Publisher: Oshodhara , I , I , I , I I ! I I , I , , , , I I , I I , + + I I I , , : I I , I